Skip to main content

आनंद गांधी का खुलासा – ‘तुम्बाड’ का निर्देशन उन्होंने किया था, न कि राही अनिल बर्वे ने; ‘शिप ऑफ थीसियस’ के 12 साल पर बोले – यह फिल्म आज भी उतनी ही प्रासंगिक है

जैसे ही  शिप ऑफ थीसियस  अपने 12 साल पूरे करती है, निर्देशक  आनंद गांधी  ने एक बड़ा खुलासा किया कि  हिट फिल्म  तुम्बाड  का असली निर्देशन उन्होंने किया था , न कि क्रेडिट में दिए गए  राही अनिल बर्वे  ने। “मैंने पहले जो शूट हुआ था, उसे पूरी तरह स्क्रैप कर दिया और फिल्म को दोबारा शूट किया,” आनंद ने बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म की पुरानी फुटेज काम नहीं कर रही थी, और उन्होंने निर्देशन की बागडोर संभाली। शिप ऑफ थीसियस  की सफलता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इसकी लोकप्रियता का कारण है फिल्म के द्वारा उठाए गए  गहरे और कालातीत सवाल  —  मैं कौन हूँ? मैं कहाँ से आया हूँ? मरने के बाद क्या बचता है? जीवन का अर्थ कैसे मिले? यह फिल्म उनके अनुसार विज्ञान, दर्शन और व्यक्तिगत अनुभव का समन्वय है, जिसने इसे आज भी  बौद्धिक और भावनात्मक स्तर पर प्रभावशाली बनाए रखा है ।

जाने बिहार के कराटे प्रशिक्षक मुकेश मिश्रा को; शिक्षा, उम्र एवं प्राप्त उपलब्धि

 

दिल्ली, 8 मार्च : बिहार के मुकेश मिश्रा 14 वर्ष की आयु से कराटे खेल में सक्रिय रूप से अपनी भुमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में वह बिहार के शीर्ष कराटे खिलाड़ीयों को प्रशिक्षण दे रहे हैं ।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा

मुकेश मिश्रा का जन्म 31 दिसंबर 1990 को बिहार के दरभंगा में हुआ । वह एक हिंदू ब्राह्मण परिवार से हैं, उनके पिता इंद्रकांत मिश्रा बिहार पुलिस से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उनकी मां सबिता मिश्रा एक साधारण गृहिणी । मुकेश ने अपनी स्कूली शिक्षा अपने गृहनगर से पूरी की और फिर सिक्किम मणिपाल विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक (बीबीए) की डिग्री हासिल की। उन्होंने संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में स्नातक की उपाधि प्राप्त करके अपने खेल कौशल को और बढ़ाया।

शुरुआत एवं उल्लेखनीय कार्य

मुकेश मिश्रा ने 14 वर्ष की आयु में कोच सावन कुमार के मार्गदर्शन में कराटे के क्षेत्र में अपनी यात्रा शुरू की। 2008 में पहलीबार राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने का मौका मिला, जिससे कराटे खिलाड़ी के रूप में उनके सफल करियर की शुरुआत हुई। अगले सात वर्षों में, मुकेश ने विभिन्न राष्ट्रीयस्तरीय कराटे प्रतियोगिता में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा जारी रखी। 2017 में, मुकेश ने अपना ध्यान प्रतिस्पर्धा से हटाकर अगली पीढ़ी के कराटे खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने पर केंद्रित करने का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने दरभंगा में अपना स्वयं का मार्शल–आर्ट प्रशिक्षण केंद्र, “कराटे स्कूल दरभंगा” खोला। तब से, दरभंगा एवं आसपास के जिले से वह स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र एवं छात्राओं को कराटे खेल में प्रशिक्षित कर रहे हैं। उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ी देश भर में आयोजित होने वाली कराटे प्रतियोगिताओं में भाग ले रहे हैं और अपने राज्य के लिए पदक लाने में सफलता हासिल की हैं, जिनमें पिछले वर्ष आयोजित 67वीं राष्ट्रीय विद्यालय खेल कराटे प्रतियोगिता, पंजाब में मंजीत कुमार (अंडर-19) द्वारा बिहार के लिए कांस्य पदक जिसके फलस्वरूप मंजीत को बिहार सरकार द्वारा बिहार राज्य खेल सम्मान 2024 से सम्मानित किया जा चुका है एवं प्रेयांश द्वारा माह दिसंबर में दिल्ली में आयोजित KIO ऑल इंडीया इंटर जोन कराटे प्रतियोगिता 2024 में स्वर्ण पदक शामिल है।  वर्तमान में मुकेश “State Karate  Association of Bihar” के संयुक्त सचिव सह वरिष्ठ प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं एवं कराटे के shito-ryu स्टाइल में 4th Dan, Black Belt हैं। हाल ही में दिनांक 9 से 15 दिसंबर 2024 तक नई दिल्ली में आयोजित 68वीं नेशनल स्कूल गेम्स कराटे चैंपियनशिप (अंडर-17 बालक–बालिका) में Team Coach के रूप में बिहार के लिए दो स्वर्ण और पांच कांस्य पदक सहित कुल सात पदक प्राप्त किए हैं।

आगामी लक्ष्य

“अगले पांच वर्षों में बिहार के कराटे खिलाड़ीयों का एक समूह होगा जो केवल राष्ट्रीय स्तर पर नहीं ब्लकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो, इस पर हमारा ध्यान व प्रशिक्षण केंद्रित रहने वाला है हालांकि विगत वर्षों में बिहार के कराटे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं– मुकेश मिश्रा ”

Comments

Popular posts from this blog

डेओनार कचरा मैदान की सफाई के लिए बीएमसी ने ₹2,368 करोड़ का टेंडर निकाला

  धरावी पुनर्विकास परियोजना से पहले बीएमसी ने डेओनार कचरा मैदान की सफाई के लिए ₹2,368 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इस टेंडर का उद्देश्य 1.85 करोड़ टन कचरे की बायोरिमीडिएशन करके 110 हेक्टेयर भूमि को पुनः प्राप्त करना है। यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत किया जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह सफाई कार्य धरावी पुनर्विकास परियोजना के तहत अदानी समूह को लाभ पहुँचाने के लिए किया जा रहा है।

अनुराग कश्यप बोले: देव डी, गुलाल और गैंग्स ऑफ वासेपुर के म्यूज़िक के लिए T-Series ने बहुत कम पैसे दिए

13 जुलाई 2025  को फिल्म निर्देशक  अनुराग कश्यप  ने भारत के सबसे बड़े म्यूज़िक लेबल  T-Series  के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके  संस्कृतिक महत्व वाले फिल्मों  जैसे  देव डी ,  गुलाल  और  गैंग्स ऑफ वासेपुर  के म्यूज़िक के लिए  बहुत कम भुगतान किया। The Juggernaut  से बातचीत में उन्होंने कहा,  “अगर भूषण कुमार उसे नहीं खरीद रहे, तो वह अच्छा म्यूज़िक है। अगर T-Series नहीं खरीद रही, तो वह महान म्यूज़िक है।”  उन्होंने यह भी कहा कि  T-Series सिर्फ फिल्म में मौजूद स्टार के आधार पर भुगतान करती है , न कि संगीत की गुणवत्ता पर। अनुराग ने यह भी बताया कि  T-Series ने  बॉम्बे वेलवेट  का म्यूज़िक खरीदा , जबकि उन्हें उसका संगीत पसंद नहीं था—इससे यह जाहिर होता है कि निर्णय  संगीत की कद्र पर नहीं बल्कि व्यावसायिक लाभ पर आधारित  था। उन्होंने कहा कि  DevD  के हिट म्यूज़िक ट्रैक्स के बावजूद उन्हें  मात्र नाममात्र की राशि  दी गई, जबकि कंपनी ने इससे...

हॉलीवुड फिल्म सुपरमैन के किसिंग सीन पर हुए विवाद

    हॉलीवुड फिल्म  सुपरमैन  के किसिंग सीन पर हुए विवाद  के बाद अब  सेंसर बोर्ड (CBFC)  ने  आहान पांडे  की डेब्यू फिल्म  सैयारा  में भी बदलाव के निर्देश दिए हैं। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म को  U/A सर्टिफिकेट  तो मिला है, लेकिन सेंसर बोर्ड ने  10 सेकंड के अंतरंग और उत्तेजक दृश्य , जिनमें "बॉडी एक्सपोज़र" शामिल है,  हटाने को कहा है । इसके अलावा, फिल्म में  चार आपत्तिजनक शब्दों  को  अनुकूल शब्दों से बदलने  की सलाह दी गई है। फिल्म की कुल लंबाई अब  2 घंटे 36 मिनट 50 सेकंड (156.50 मिनट)  है। सोशल मीडिया पर कई लोग इस सेंसरशिप पर नाराज हैं और  निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा  से हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं, खासकर तब जब कुछ फिल्मों को बोल्ड कंटेंट के लिए पहले रियायत मिलती रही है।